Home Internet and Web technology Basic Internet Terminology in Hindi | बेसिक इन्टरनेट टर्मिनोलॉजी हिंदी में

Basic Internet Terminology in Hindi | बेसिक इन्टरनेट टर्मिनोलॉजी हिंदी में

दोस्तों आज हम Basic Internet Terminology क्या है (Basic Internet Terminology in Hindi) के बारे में बात करेंगे। आसान भाषा में कहा जाये तो इन्टरनेट टर्मिनोलॉजी एक शब्दावली है जिसमें इन्टरनेट से जुड़े सभी शब्दों को रखा गया है अर्थात आप जब भी इन्टरनेट की उपयोग करते है या इन्टरनेट की बात करते है तो बहुत सारें टर्म (शब्द) की बात करते है जैसे डाउनलोड, अपलोड, ईमेल, यूआरएल इत्यादि। इन सभी शब्दों या टर्म के कलेक्शन को ही Basic Internet Terminology कहा जाता है।

दुसरे शब्दों में, इन्टरनेट से जुड़े सभी तथ्यों को ही बेसिक इन्टरनेट टर्मिनोलॉजी कहा जाता है। जब भी आप इन्टरनेट की चर्चा करते है तो बहुत सारें चीजों की बात भी करते है। आज मैं आप लोगो को इस बेसिक इन्टरनेट टर्मिनोलॉजी के बारें में पूरी जानकारी देना चाहता हु तो फिर देरी किस बात की आइये शुरू करते है और जानते है की बुनयादी इन्टरनेट शब्दावली क्या है?

Internet (इन्टरनेट):-

इन्टरनेट दुनिया का सबसे बड़ा पब्लिक नेटवर्क है जिसे नेटवर्क का नेटवर्क कहा जाता है। इन्टरनेट की शुरूवात ARPANET के रूप में अमेरिका में हुआ था जिसमे कंप्यूटर के बिच में पहला कनेक्शन 29 अक्टूबर सन् 1969 हो हुआ था। भारत में 15 अगस्त 1995 को इन्टरनेट की शुरुवात हुआ था।

Intranet (इंट्रानेट):-

इंट्रानेट एक प्राइवेट नेटवर्क होता है जिसे कंपनी या आर्गेनाइजेशन के अन्दर employee के कम्युनिकेशन एवम् इनफार्मेशन को शेयर करने के लिए उपयोग किया जाता है। इंट्रानेट में भी इन्टरनेट की तरह TCP/IP प्रोटोकॉल का उपयोग किया जाता है फर्क सिर्फ इतना है की इन्टरनेट पब्लिक नेटवर्क है और इंट्रानेट प्राइवेट नेटवर्क है जिसके कारण इंट्रानेट ज्यादा Secure नेटवर्क होता है।

Extra-net (एक्सट्रानेट):-

एक्सट्रानेट एक Controlled Private Network है जिसे दो या दो से अधिक कंपनी या आर्गेनाइजेशन के अन्दर employee के कम्युनिकेशन एवम् इनफार्मेशन को शेयर करने के लिए उपयोग किया जाता है। एक्सट्रानेट में भी इन्टरनेट की तरह TCP/IP प्रोटोकॉल का उपयोग किया जाता है फर्क सिर्फ इतना है की इन्टरनेट पब्लिक नेटवर्क है और एक्सट्रानेट प्राइवेट नेटवर्क है जिसके कारण एक्सट्रानेट ज्यादा Secure नेटवर्क होता है।

URL:-

URL का तात्पर्य Uniform Resource Locator है URL एक Web Address या इन्टरनेट एड्रेस है URL के मदद से वेब ब्राउज़र इन्टरनेट में उपस्तिथ सभी Website, Server एवम् Resource को Access करता है। दुसरे शब्दों में इन्टरनेट से website को Access करने के लिए जिस एड्रेस का use किया जाता है उसे यूआरएल या वेब एड्रेस कहा जाता है।

Example:-

इस उदाहरण में http प्रोटोकॉल का नाम है तथा www.computervidya.com होस्ट का नाम है तथा intex.html फाइल का नाम है।

ISP (Internet Service Provider):-

वे सभी कंपनी या आर्गेनाइजेशन जो इन्टरनेट की सर्विस प्रदान करने का कार्य करती है उन सभी कंपनी को ISP अर्थात Internet service Provider कहा जाता है। इन्टरनेट सर्विस प्रोवाइडर, इन्टरनेट के साथ साथ कई अन्य सर्विसेस भी प्रोवाइड करती है जैसे Web page Hosting, मेल सर्विसेस, फाइल ट्रान्सफर इत्यादि।

Example:-

इंडिया में इस समय बहुत सारें ISP कार्य कर रहे है ज्यादातर फ़ोन कंपनीयां, cable कंपनी और उपग्रह कंपनीयां इन्टरनेट सर्विस प्रोवाइड करने का कार्य करती है।जैसे Airtel, Jio, Idea, Videophone और BSNL इत्यादि। ISP कोई भी कंपनी, आर्गेनाइजेशन या इंस्टिट्यूट हो सकते है जो इन्टरनेट एक्सेस की सर्विस प्रदान करती है ISP को Internet Access Provider भी कहा जाता है।

Website (वेबसाइट):-

दो या दो से अधिक web page के collection को website है। ये webpage आपस में एक दुसरे से link होते है अर्थात जुड़े होते है।
दुसरे शब्दों में दोस्तों वेबसाइट एक एड्रेस है जिसमे बहुत सारें वेब पेज को स्टोर करके रखा जाता है। ये वेब पेज विभिन्न प्रकार के इनफार्मेशन को स्टोर करके रखते है ये इनफार्मेशन text, ऑडियो, विडियो, इमेज और एनीमेशन के रूप में हो सकते है।

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ब्लॉग (Blog):-

दोस्तों ब्लॉग को personal website कहना ज्यादा अच्छा होगा क्योकिं इस तरह के साईट में व्यक्ति अपने रूचि और जानकारी के आधार विभिन्न इनफार्मेशन को शेयर करते है। जैसे मान लीजिये आपको कंप्यूटर और technology का अच्छा ज्ञान है और आपको इस विषय पर लिखना अच्छा लगता है और आपने इस पर एक छोटा वेबसाइट बनाया है तो इस तरह के वेबसाइट को ब्लॉग कहा जाता है। वर्तमान में ऐसे कई प्लेटफार्म है जिनपर आप फ्री में ब्लॉग लिख सकते है जैसे google का blogspot.com, Word press इत्यादि।

Forums (फ़ोरम्स):-

दोस्तों वे सभी वेबसाइट जिनमे लोग सवाल पूछते है और विभिन्न टॉपिक पर चर्चा करते है इन सभी वेबसाइट को forums कहा जाता है।इन वेबसाइट को आप question और answer साईट भी कह सकते है। ये बहुत ही महत्वपूर्ण साईट होते है जिनमे लोगो को उनके सवालों के जवाब आसानी से मिल जाते है। और साथ ही अगर आपको किसी टॉपिक में अच्छी जानकारी है तो लोगो के सवाल के जवाब देकर आप उनकी मदद कर सकते हो।

उदाहरण:-

Yahoo! Groups, Ubuntu Forums, Student Edge, Stack Overflow, Quora, DSL Report इत्यादि।

वेबपेज (Web page):-

वेबपेज एक सिंगल पेज का डॉक्यूमेंट होता है जो की html फॉर्मेट में होती है। जिसमे इनफार्मेशन स्टोर होती है ये इनफार्मेशन text, image, audio, video या एनीमेशन के रूप में हो सकती है। जब दो या दो से अधिक वेबपेज को आपस में लिंक दिया जाता है तो इस webpage के समूह को वेबसाइट कहा जाता है। वेब पेज को वेब डॉक्यूमेंट भी कहा जाता है।

होम पेज (Home Page):-

जब हम किसी भी website पर visit करते है तो जो पेज सबसे पहले open होता है उस पेज को वेबसाइट का Home page कहा जाता है प्रत्येक website की पहली पेज जिसमे वेबसाइट के अन्य पेज की information होती है उसे होम पेज कहा जाता है।

सभी वेबसाइट में होम पेज होता ही है और होम पेज में अन्य सभी पेज का लिंक होता है जिसके मदद से हम वेबसाइट के सभी पेज में विजिट कर सकते है।

वेब ब्राउज़र (Web Browser):-

वेब ब्राउज़र एक छोटा सा software या application है जिसे मोबाइल या कंप्यूटर में इनस्टॉल करके यूजर internet को एक्सेस कर सकते है। दुसरे शब्दों में web browser एक ऐसा software है जिनका उपयोग इन्टरनेट को access करने के लिए किया जाता है। कंप्यूटर या मोबाइल में इन्टरनेट का प्रयोग करने के लिए उसमे इन्टरनेट ब्राउज़र होना जरुरी है इसके बिना कंप्यूटर या मोबाइल में इन्टरनेट का उपयोग नहीं किया जा सकता है।

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उदहारण:-

Google Chrome, Mozilla Firefox, Opera Web Browser, Internet Explorer, Safari Web Browser, Netscape Navigator, Monkey Browser इत्यादि।

वर्ल्ड वाइड वेब (WWW):-

WWW का पूरा नाम World Wide Web है। यह इन्टरनेट की एक सर्विस है जिसे W3 या वेब भी कहा जाता है वर्ल्ड वाइड वेब दुनियाभर के वेबसाइट के एड्रेस का कलेक्शन है। जिसके द्वारा HTML में बनाये गए विभिन्न प्रकार के document आपस में Hyperlink के माध्यम से जुड़े होते है। ये HTML डॉक्यूमेंट अर्थात web page में विभिन्न प्रकार के इमेज, टेक्स्ट, ऑडियो और विडियो फाइल से बने होते है।

दुसरे शब्दों में कहे तो वर्ल्ड वाइड वेब दुनियाभर के वेबसाइट के address का समूह है जो आपस में एक-दुसरे से hyperlink अर्थात एक दुसरे से जुड़े होती है। जब यूजर इन्टरनेट में वेबसाइट को सर्च करता है तब www यूजर के उस वेबसाइट तक पहुचाने का कार्य करता है इस तरह www इन्टरनेट पर एक सर्विसेस की तरह कार्य करता है। वर्ल्ड वाइड वेब इनफार्मेशन को एक जगह से दुसरे जगह भेजने के लिए Hypertext transfer protocol का उपयोग करता है।

सर्च इंजन (Search Engine):-

वर्ल्ड वाइड वेब में इनफार्मेशन को खोजने के लिए जिस प्रोग्राम का प्रयोग किया जाता है उसे सर्च इंजन कहा जाता है।दोस्तों आप जानते ही होंगे कि वर्ल्ड वाइड वेब दुनियाभर के वेबसाइट के address का समूह है जो आपस में एक-दुसरे से hyperlink अर्थात एक दुसरे से जुड़े होती है। इस तरह WWW में करोड़ो वेब पेज स्टोर है जिन्हें इन्टरनेट के help से प्राप्त किया जा सकता है।इन सभी इनफार्मेशन एवम् web page को ढूढने में सर्च इंजन हमारी मदद करता है।

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प्रत्येक सर्च इंजन का अपना एक डेटाबेस होता है जिसमे सर्च इंजन वेब पेज की index बना कर रखता है।प्रत्येक वेब पेज के Title तथा उसमे कुछ keyword होते है। जब यूजर इन्टरनेट में इनफार्मेशन सर्च करता है तब सर्च इंजन यूजर द्वारा टाइप किये गए शब्दों को अपने database से match करता है और जिस-जिस पेज में यूजर के द्वारा टाइप किये गए शब्द match करते है उनकी लिस्ट को यूजर के कंप्यूटर स्क्रीन पर show कर देता है इस तरह सर्च इंजन कार्य करता है।

दोस्तों दुसरे शब्दों में कहे तो Search engine इन्टरनेट की एक सर्विस है जिसके माध्यम से यूजर इनफार्मेशन को खोज सकता है और उसे प्राप्त कर सकता है।

उदहारण:-

Google, Yahoo!, Ask.com, Alta Vista, Bing इत्यादि।

डाउनलोड (Download):-

जब इन्टरनेट या नेटवर्क से किसी भी प्रकार के फाइल या इनफार्मेशन को यूजर अपने लोकल कंप्यूटर पर ट्रान्सफर या स्टोर करता है तो इस कार्य को डाउनलोड कहा जाता है।

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उदहारण:-

दोस्तों जब हमें किसी भी सॉफ्टवेर, Song या विडियो की जरुरत पड़ती है और तब हम लोग इन्टरनेट में उनको सर्च करके हम अपने कंप्यूटर में स्टोर करते है इस प्रक्रिया को डाउनलोड कहा जाता है। जैसे इन्टरनेट से सॉफ्टवेर को डाउनलोड करना।

अपलोड (Upload):-

जब इन्टरनेट या नेटवर्क में उपस्थित किसी भी कंप्यूटर या वेबसाइट में यूजर अपने इनफार्मेशन या फाइल को डालता है तो इस कार्य को अपलोड कहा जाता है।

उदहारण:-

दोस्तों YouTube या फेसबुक के अपने account में हम लोग विडियो या पिक्चर को डालते है। इस प्रक्रिया को अपलोड कहा जाता है। जैसे YouTube में विडियो अपलोड करना।

ऑफलाइन (Offline):-

जब यूजर का कंप्यूटर या मोबाइल इन्टरनेट से disconnect होता है या किसी कारण से इन्टरनेट से नहीं जुड़ा होता है तो इसे ऑफलाइन कहा जाता है।

साईंन अप (Sign up):-

यूजर द्वारा इन्टरनेट के किसी भी वेबसाइट में account खोलने के कार्य को Sign up कहा जाता है। मानलीजिये किसी वेबसाइट में आपका एकाउंट नहीं है और आप उसमे एकाउंट खोलना चाहते है और एकाउंट खोलने के लिए आप वेबसाइट में अपना इनफार्मेशन भरते है इस प्रक्रिया को ही Sign up कहा जाता है।

बेसिक इन्टरनेट टर्मिनोलॉजी की पूरी जानकारी

तो दोस्तों आज की जानकारी काफी महत्वपूर्ण है जो स्टूडेंट के अलावा इन्टरनेट से जुड़े सभी लोगो के लिए जानना बहुत ज्यादा जरुरी है। अब दोस्तों यदि कोई ये इन्टरनेट से जुड़े तथ्यों की चर्चा करता है की बेसिक इन्टरनेट टर्मिनोलॉजी क्या है(Basic Internet Terminology in Hindi) तो आप आसानी से जवाब दे पाएंगे।

दोस्तों कोई सवाल आप पूछना चाहते है तो निचे Comment Box में जरुर लिखे और अगर आपके को सुझाव है तो जरुर दीजियेगा। दोस्तों हमारे ब्लॉग https://www.nayabusiness.in एवं Youtube चैनल computervidya को अगर आप अभी तक सब्सक्राइब नहीं किये तो तो जरुर सब्सक्राइब कर लेवें।

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